डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती पर मुख्यमंत्री ने पटना में राज्य स्तरीय शिक्षक दिवस समारोह का दीप प्रज्वलित कर उद्घाटन किया और हर ज़िले से एक, कुल 38 सरकारी शिक्षकों को राजकीय शिक्षक पुरस्कार प्रदान किया। समारोह की अध्यक्षता शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने की।
शिक्षकों के प्रशिक्षण के लिए अलग विश्वविद्यालय
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और ज्ञान के माध्यम से ही बिहार के भविष्य को नई दिशा दी जा सकती है। उन्होंने बताया कि प्राथमिक विद्यालयों से लेकर उच्च शिक्षा, इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक संस्थानों तक बिहार में सात लाख से अधिक शिक्षक कार्यरत हैं, और उनकी गुणवत्ता बढ़ाने तथा नियमित प्रशिक्षण के लिए एक अलग शिक्षक प्रशिक्षण विश्वविद्यालय स्थापित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और सर्वम एआई जैसी कंपनियों के सहयोग से बिहार में आधुनिक एआई इकोसिस्टम विकसित किया जाएगा और शिक्षकों को नवीनतम एआई तकनीकों का प्रशिक्षण मिलेगा।
विद्यालय और विश्वविद्यालय
उन्होंने बताया कि राज्य में लगभग 700 सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल विद्यालय विकसित किए जाएँगे, जहाँ विद्यार्थियों को नीट और जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की सुविधा मिलेगी। साथ ही “एआई और कंप्यूटर साइंस पर केंद्रित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय” पर भी काम चल रहा है।
शिक्षकों के हित में
उन्होंने बताया कि मदरसा और संस्कृत बोर्ड के शिक्षकों का लंबित वेतन जारी कर दिया गया है, बीपीएससी के माध्यम से 33,000 से अधिक पदों पर भर्ती जारी है, और वित्तरहित शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखते हुए उनके लिए अलग वेतनमान सुनिश्चित किया जाएगा।
यह पाठ समाचार रिपोर्टों पर आधारित है। पूरा भाषण ऊपर दिए वीडियो में देखें।
स्रोत: Asianet Newsable (ANI), ETV Bharat, Daily Kiran



