मुख्यमंत्री ने पटना के बापू सभागार में प्रगतिशील बुद्धिजीवी संघ, बिहार द्वारा आयोजित ‘विकसित बिहार: नींव से निर्माण तक’ सत्र का उद्घाटन किया और लव-कुश प्रतिभा सम्मान समारोह में प्रतिभाओं को सम्मानित किया।
उन्होंने कहा कि आज विकसित भारत और समृद्ध बिहार के संकल्प को साकार करने का समय है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत की परिकल्पना की है और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने समृद्ध बिहार की, और सरकार इन्हें साकार करने के लिए काम कर रही है। उन्होंने याद दिलाया कि चंद्रगुप्त मौर्य और सम्राट अशोक जैसे शासकों ने इसी धरती से भारत और विश्व को दिशा दी।
शिक्षा और विरासत
उन्होंने 211 डिग्री कॉलेजों में पढ़ाई शुरू होने, मॉडल विद्यालयों और विद्या साथी ऐप की चर्चा की, साथ ही बोधगया कॉरिडोर, वाल्मीकिनगर में लव-कुश पार्क और सीतामढ़ी में सीता मंदिर जैसी परियोजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भव्य सीता मंदिर 31 दिसंबर 2028 से पहले पूरा होगा, और इसके लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का आभार जताया।
मिलकर आगे बढ़ें
पाँच उँगलियों का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि अलग-अलग उनकी शक्ति सीमित है, पर मुट्ठी बनकर वे बड़ी ताक़त बन जाती हैं। उन्होंने सभी से मिलकर विकसित और गौरवशाली बिहार बनाने का आह्वान किया।
यह पाठ समाचार रिपोर्टों पर आधारित है। पूरा भाषण ऊपर दिए वीडियो में देखें।
स्रोत: Asianet Newsable, Aaj Tak



