परिचय

सम्राट चौधरी, आधिकारिक चित्र

एक नज़र में

कार्यालयमुख्यमंत्री, बिहार
निर्वाचन क्षेत्रतारापुर (मुंगेर)
दलभारतीय जनता पार्टी
जन्म16 नवंबर 1968, लखनपुर, मुंगेर
शिक्षामदुरै कामराज विश्वविद्यालय
पदभार15 अप्रैल 2026 से

सम्राट चौधरी बिहार के 24वें मुख्यमंत्री और इस पद पर पहुँचने वाले भारतीय जनता पार्टी के पहले नेता हैं। मुंगेर की मिट्टी से निकले ज़मीनी नेता के रूप में उन्होंने तीन दशक से अधिक समय सार्वजनिक जीवन में बिताया है: सरकार और विपक्ष दोनों में, विधानसभा और विधान परिषद दोनों में।

प्रारंभिक जीवन और शिक्षा

उनका जन्म 16 नवंबर 1968 को मुंगेर ज़िले के लखनपुर गाँव में शकुनी चौधरी और पार्वती देवी के घर हुआ। माता-पिता दोनों ने विधायक के रूप में क्षेत्र की सेवा की, इसलिए सार्वजनिक जीवन बचपन से ही घर का हिस्सा रहा। उन्होंने मदुरै कामराज विश्वविद्यालय से पढ़ाई की। उनका विवाह ममता कुमारी से हुआ है और उनके एक पुत्र और एक पुत्री हैं।

सार्वजनिक जीवन

1990 के दशक की शुरुआत में राजनीति में आए और 1999 में उद्यान एवं माप-तौल विभाग के मंत्री बने। 2000 में और फिर 2010 में परबत्ता से विधायक चुने गए; 2010 में वे विपक्ष के मुख्य सचेतक भी रहे। 2014 में नगर विकास एवं आवास मंत्री बने। 2017 में भाजपा में शामिल होने के बाद 2018 में प्रदेश उपाध्यक्ष, 2021–22 में पंचायती राज मंत्री, 2022–23 में विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष और मार्च 2023 से भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रहे। जनवरी 2024 से वे उपमुख्यमंत्री रहे; वित्त मंत्री के रूप में ₹2.79 लाख करोड़ का बजट पेश किया और 30 हज़ार से अधिक नए सरकारी पद स्वीकृत किए। नवंबर 2025 से वे गृह मंत्री रहे।

मुख्यमंत्री के रूप में

15 अप्रैल 2026 को पदभार संभालने के बाद से उन्होंने जन कल्याण, रोज़गार और कानून-व्यवस्था को सरकार के केंद्र में रखा है: सभी 534 प्रखंडों में जन कल्याण शिविर, हर महीने 10 तारीख़ को ₹1,100 पेंशन, एक करोड़ लखपति दीदी का लक्ष्य, हर प्रखंड में मॉडल स्कूल, हर ज़िले में मेडिकल कॉलेज, गया में एमएसएमई टेक्नोलॉजी सेंटर और ₹6,000 करोड़ का इस्पात संयंत्र, और छात्राओं की सुरक्षा के लिए पुलिस दीदी योजना। उनका लक्ष्य है राज्य के 125वें वर्ष, 2037 तक विकसित बिहार।