"एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे", डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी का यह उद्घोष केवल एक नारा नहीं, बल्कि भारत की एकता और अखंडता का संकल्प था।
राष्ट्र की एकता के लिए उन्होंने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। जम्मू-कश्मीर को भारत की मुख्यधारा से पूर्ण रूप से जोड़ने का उनका सपना वर्षों तक अधूरा रहा, जिसे आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में अनुच्छेद 370 को समाप्त कर साकार किया।
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी का योगदान भारत को एक सूत्र में पिरोने और राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करने में सदैव स्मरणीय रहेगा। उनका राष्ट्रप्रथम का विचार आज भी विकसित और सशक्त भारत के निर्माण की प्रेरणा है।



