भारत का इतिहास संघर्ष का ही नहीं, आत्मगौरव के पुनर्जागरण का भी इतिहास है।

भारत का इतिहास संघर्ष का ही नहीं, आत्मगौरव के पुनर्जागरण का भी इतिहास है। सोमनाथ स्वाभिमान पर्व हमारी सांस्कृतिक चेतना, आस्था और गौरवशाली विरासत का प्रतीक है। सोमनाथ से नालंदा तक, भारत ने हर चुनौती के बाद अपनी पहचान को और अधिक सशक्त बनाया है।