एक भी व्यक्ति नहीं मिला जो कहे कि उसका नाम मतदाता सूची से काटा गया है। ये लोग उन घुसपैठियों को बचाना चाहते हैं, जिनका भारत की नागरिकता से कोई संबंध ही नहीं।
जो देश का नागरिक नहीं बन सकता, वो मतदाता कैसे बन सकता है?
यहां साफ है कि विपक्ष वोटबैंक की राजनीति कर रही है।



