टपकती छत नहीं, अब पक्का घर!सपने नहीं हकीकत बुनते हैं,तभी तो सब मोदी को चुनते हैं।

टपकती छत नहीं, अब पक्का घर!

सपने नहीं हकीकत बुनते हैं,
तभी तो सब मोदी को चुनते हैं।