बाढ़ जैसी त्रासदी में प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के लिए पारदर्शी व्यवस्था लागू की गई है।
पूरे बिहार में गंगा, गंडक, कोसी और बागमती जैसी नदियों के रिवर बेड में रहने वाले लगभग 87 लाख लोगों को चिन्हित किया गया है और डीबीटी के माध्यम से 9 लाख बाढ़ पीड़ित परिवारों के बैंक खातों में आर्थिक सहायता राशि ट्रांसफर की गई।
हिंदुस्तान की मजबूत डिजिटल और यूपीआई व्यवस्था से यह सीधा लाभ जनता तक पहुंचा है।



