सोमनाथ एक संरचना नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक आत्मा का स्थायी उद्घोष है…

सोमनाथ एक संरचना नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक आत्मा का स्थायी उद्घोष है। यह हमारी सहस्राब्दियों पुरानी सभ्यता, समृद्ध परंपराओं और अटूट स्वाभिमान का सशक्त प्रतीक है।

आज, पुनर्निर्मित सोमनाथ मंदिर के 75 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर, प्रधानमंत्री @narendramodi जी के नेतृत्व में इसका सतत संरक्षण यह स्पष्ट करता है कि भारत इतिहास को भुलाकर नहीं, बल्कि उससे प्रेरणा लेकर आगे बढ़ता है। सोमनाथ आने वाली पीढ़ियों के लिए आस्था, आत्मबल और राष्ट्रचेतना का अमर प्रकाशस्तंभ बना रहेगा।

जय सोमनाथ!