बिहार में बड़े पंचायतों के परिसीमन यानी डी-लिमिटेशन का काम राज्य निर्वाचन आयोग ने शुरू कर दिया है।

बिहार में बड़े पंचायतों के परिसीमन यानी डी-लिमिटेशन का काम राज्य निर्वाचन आयोग ने शुरू कर दिया है। अगला चुनाव पूरी तरह डी-लिमिटेशन कराने के बाद ही कराया जाएगा।

​7,500 की आबादी पर एक मुखिया का पंचायत तय मानक है, जबकि 20 हजार की आबादी और तीन-तीन गांवों पर भी एक ही पंचायत चल रही है। इस पूरी विसंगति को बदला जाएगा।