बिहार ज्ञान, संस्कृति और गौरवशाली इतिहास की धरती है।

बिहार ज्ञान, संस्कृति और गौरवशाली इतिहास की धरती है।

इसी पावन भूमि पर आचार्य चाणक्य ने अखंड भारत का स्वप्न देखा और उसे साकार करने की दिशा में मार्ग प्रशस्त किया।

यह वही धरती है, जिसने नालंदा जैसे विश्वविख्यात शिक्षा केंद्रों के माध्यम से पूरी दुनिया को ज्ञान का प्रकाश दिया। हालांकि, विदेशी आक्रमणों के कारण इस गौरवशाली विरासत को गहरी क्षति भी पहुंची।

आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के प्रयासों से प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय की विरासत को पुनर्जीवित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है जो बिहार के गौरवशाली अतीत को आधुनिक भारत के उज्ज्वल भविष्य से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।