कांग्रेस ने देश के साथ-साथ बिहार को पीछे करने में भी कोई कसर नहीं छोड़ी।

कांग्रेस ने देश के साथ-साथ बिहार को पीछे करने में भी कोई कसर नहीं छोड़ी। इनके शासनकाल में सर्किट हाउसों में जीत-हार तय हुआ करती थी। वर्ष 1995 में तो हालात ऐसे थे कि चुनाव छह-छह महीनों तक चल जाते थे। बिहार यह सब भूला नहीं है।