बिहार की धरती हजारों वर्षों से ज्ञान, शिक्षा और सुशासन की भूमि रही है। नालंदा और विक्रमशिला जैसे विश्वविख्यात विश्वविद्यालयों ने कभी पूरी दुनिया के विद्यार्थियों को ज्ञान का प्रकाश दिया। इसी धरती ने चंद्रगुप्त मौर्य और पाटलिपुत्र के माध्यम से भारत को सशक्त शासन एवं समृद्ध व्यवस्था की दिशा भी दिखाई।
आज हमें अपनी उसी गौरवशाली विरासत को आधुनिक शिक्षा व्यवस्था के माध्यम से आगे बढ़ाना है। प्रशासनिक व्यवस्था अपनी जगह महत्वपूर्ण है, लेकिन हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता यह होनी चाहिए कि हर विद्यालय में हर हाल में नियमित पढ़ाई सुनिश्चित हो।
जब बिहार के हर विद्यालय में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी, तभी ज्ञान की इस महान धरती को फिर से नई ऊंचाइयों पर ले जाने का हमारा संकल्प साकार होगा।



