शिक्षा पर मनमाने ख़र्च पर रोक लगाने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि राज्य के सभी निजी स्कूलों को अपनी फ़ीस संरचना घोषित करनी होगी।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फ़ीस बकाया होने के कारण किसी भी छात्र को परीक्षा में बैठने से नहीं रोका जाना चाहिए। अभिभावकों को इससे पारदर्शिता और राहत मिलने की उम्मीद है।
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