प्रदेश के 50 हजार परिवारों को स्वरोजगार के लिए 2 लाख रुपए…
भाजपा के समर्थन से एनडीए सरकार ने राज्य में जाति आधारित गणना की सहमति दी थी। जिसके परिणामस्वरूप बिहार के कुल सर्वेक्षित परिवारों की संख्या लगभग 2 करोड़ 76 लाख है और उनमें परिवार की मासिक आय के आधार पर 94 लाख से अधिक परिवार आर्थिक रूप से गरीब पाए गए हैं।
बिहार के गरीब परिवारों के उत्थान के लिए आज उद्योग विभाग के तहत कम्प्यूटराइज्ड लॉटरी सिस्टम के द्वारा आवेदक 2 लाख से अधिक लोगों के बीच में से 50 हजार लोगों को "बिहार लघु उद्यमी योजना" का लाभ दिया। योजना के प्रथम किस्त के 50 हजार परिवार को लाभ मिला है, आगे 1.5 लाख परिवार को भी लाभ हम देंगे।
इस योजना से बिहार के 2 लाख परिवारों को प्रत्यक्ष तौर पर स्वरोजगार मिलेगा और राज्य में बेरोजगारी दर में कमी आएगी।



