मोदी जी महिलाओं को 33% अधिकार देकर सशक्त बनाना चाहते हैं।
नारी के अधिकारों से समझौता मतलब देश के भविष्य से समझौता।
लेकिन महागठबंधन हर बार महिलाओं के सशक्तिकरण और विकास के कामों में बाधा डालता है।
इनका सच साफ है—देश की नहीं, सिर्फ अपने परिवार की महिलाओं को आगे बढ़ाना।



